उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद गुस्से में आकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। यह पूरी घटना हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में स्थित लोदीपुर शोभन गांव की है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक युवक को जमीन से लगभग 100 से 130 फीट की ऊंचाई पर जियो के मोबाइल टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर खड़े देखा, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई युवक की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आने लगा।
मायके चली गई थी पत्नी, मनाने के लिए किया ड्रामा
टावर पर चढ़े युवक की पहचान फैज़ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मेरठ जिले के शाहजहांपुर का रहने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार फैज और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी और विवाद हो गया था। विवाद से नाराज होकर उसकी पत्नी अमरोहा जिले में स्थित अपने मायके चली गई थी। फैज चाहता था कि उसकी पत्नी तुरंत वापस लौट आए, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने पत्नी को वापस बुलाने का यह अनोखा और खतरनाक तरीका अपनाया। वह गुस्से में सुबह-सुबह मोबाइल टावर पर जा चढ़े और वहीं से अपनी मांग दोहराने लगा।
7 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, अमरोहा से बुलवाई गई पत्नी
घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और राहत टीम मौके पर पहुंची। फैज करीब 6 से 7 घंटे तक उस खतरनाक ऊंचाई पर टिका रहा, जिससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस प्रशासन ने लाउडस्पीकर और माइक के ज़रिए उसे समझाने और नीचे उतरने के लिए लगातार मिन्नतें कीं, लेकिन वह पत्नी को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा। आखिरकार पुलिस ने अमरोहा से उसकी पत्नी को तत्काल मौके पर बुलवाया।
काउंसलिंग के बाद सुरक्षित उतरा युवक, प्रशासन ने ली राहत की सांस
पत्नी के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने दोनों के बीच मध्यस्थता कराई और बातचीत करवाकर युवक की काउंसलिंग की। पत्नी के समझाने और पुलिस के आश्वासन के बाद शाम के समय फैज को सुरक्षित और सकुशल टावर से नीचे उतार लिया गया। युवक के सुरक्षित नीचे आते ही पुलिस, अग्निशमन दल और गाँव वालों ने राहत की सांस ली। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बहाल की तथा युवक को प्राथमिक जांच और इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
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